घर चलाने के लिए वकालत छोड़ बन गईं ट्रक ड्राइवर, खतरनाक रास्तों पर चलाती हैं 14 पहियों का ट्रक…

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ये हैं योगिता रघुवंशी. पिछले 16 साल से भोपाल से केरल के पलक्कड के बीच खतरनाक रास्तों पर अकेले ही 30 टन का 14 पहियों का कार्गो ट्रक चला रही हैं. 17 साल पहले उनके पति की मौत हो गई, उसके बाद उन्होंने वकालत करने की कोशिश की लेकिन शुरुआत में इतना पैसा नहीं मिला कि वे बच्चों को पालते हुए अपना घर चला सके , लेकिन फिर वह ट्रक ड्राइवर बनी. योगिता किसी मिसाल से कम नहीं हैं

भोपाल से केरल के पलक्कड के बीच ट्रक चलाने वाली योगिता देश की पहली महिला ट्रक ड्राइवर हैं. 40 साल की योगिता बेहतरीन ड्राइवर हैं होने के साथ ही देश की सबसे पढ़ी लिखी महिला ट्रक ड्राइवर में शुमार की जाती हैं. योगिता रघुवंशी ने एलएलबी डिग्री की है. योगिता मूल रूप से यूपी की हैं. वे महाराष्ट्र में अपने भाई-बहनों के साथ रहती थी. 1991 में उनकी शादी भोपाल में हुई थी. शादी के वक्त उन्हें बताया गया कि लड़का वकील है लेकिन यह झूठ निकला. इस वजह से उनका वैवाहिक जीवन सही नहीं रहा. 1999 में उनके पति की एक रोड एक्सीडेंट में मौत हो गई. उनके दो बच्चे हैं  बच्चों के भविष्य और परिवार चलाने के लिए उन्हें ट्रक ड्राइवर बनना पड़ा.

योगिता सन् 2000 से देश के लगभग सभी हिस्सों में ट्रक चला चुकी हैं. योगिता के एक बेटी यशिका और एक बेटा याश्विन है जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि लीगल प्रोफेशन के शुरुआती दिनों में कमाई करने में काफी दिक्कतें थी. इस लिहाज से ट्रक ड्राइविंग का पेशा उन्हें बेहतर लगा. उन्होंने ड्राइविंग सीखी. और अब वह देश की सबसे पढ़ी-लिखी ट्रक ड्राइवर हैं.  बता दें वे अब तक 2000 से 2013 तक वह 5 लाख किमी ट्रक चला चुकी थी. हालांकि मेल डोमिनेंट पेशे में आने पर शुरुआती दिनों में उनका मजाक भी उड़ाया जाता था. इस बारे में वे कहती हैं कि परिवार चलाना है तो यह करना ही पड़ेगा.  ड्राइविंग की वजह से उन्हें अक्सर घर और बच्चों से काफी दूर रहना पड़ता है.

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