चीन के बाद ये है विश्व की दूसरी सबसे लम्बी दीवार, कहते हैं ‘द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया’ !!

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चीन के बाद भारत में भी  स्थित है दुनिया की सबसे

लम्बी दीवार.

विश्व की सबसे लम्बी दीवार द ग्रेट वाल ऑफ़ चायना के बारे में सभी जानते हैं. परन्तु बहुत कम लोग यह जानते हैं कि विश्व की दूसरे नंबर पर लंबी दीवार भारत में स्थित है. यह दीवार जयपुर के कुम्भलगढ़ किले में है. इस दीवार ने कुम्भलगढ़ किले को चारों ओर से घेरे रखा है .यह दीवार समुद्र तल से 1914 मीटर ऊंचाई पर है. तथा 36 किलोमीटर लम्बी है. इस दीवार की चौड़ाई इतनी है कि इस पर 10 घोड़े एक साथ दौड़ सकते हैं. इस दीवार के अंदर किले के साथ-साथ 300 प्राचीन मंदिरों को भी सुरक्षित रखा गया था.इस दीवार को कुम्भलगढ़ की दीवार भी कहा जाता है. इस दीवार की शानदार बनावट और लम्बाई को देखते हुए इसे महान दीवार का दर्जा दिया गया है.

अधिक जानकारी के लिए निचे दिए विडिओ को जरूर देखे :-

दीवार के निर्माण से जुडी दिलचस्प कहानी

इस दीवार के निर्माण से दिलचस्प कहानी जुडी है. बताया जाता है कि जब 1443 में राजा कुंभा ने किले का निर्माण शुरू किया था तो निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया, निर्माण कार्य में बहुत अड़चनें आने लगीं. किले के निर्माण में दीवार का बनना बंद होने का नाम ही नहीं ले रही थी. राजा इस बात पर चिंतित हो गए और एक संत को बुलाया. संत ने बताया कि निर्माण का कार्य तभी आगे बढ़ेगा जब कोई मानव स्वेच्छा से बलि देगा.

राजा अब इस बात को लेकर चिंतित होने लगे की बलि कौन देगा. तब संत ने कहा कि वह खुद बलि देने को तैयार है. संत ने कहा कि उसे पहाड़ी पर चलने दिया जाए और जहां वो रुकेगा. उसे वहीं मार दिया जाए .संत 36 किलोमीटर चलने के बाद रुक गया. और उसका सिर वहीं अलग कर दिया गया. जहां पर सिर गिरा वहां पर मुख्य द्वार हनुमान पोल है तथा जहां पर धड़ गिरा वहां दूसरा मुख्य द्वार है. महाराणा कुंभा के रियासत में कुल 84 किले आते थे जिसमें से 32 किलों का नक्शा उसके द्वारा बनवाया गया था.

बादल महल 

कुम्भलगढ़ किले को बादल घर भी कहा जाता है. क्योंकि इसकी ऊंचाई इतनी अधिक है कि बादलों को छुआ जा सके. इसके निर्माण में लगभग 15 साल लग गये थे.

 

इसके ऊँचे स्थानों पर महल, मंदिर व आवासीय इमारतें बनाई गई और समतल भूमि का उपयोग कृषि कार्य के लिए किया गया था.

 

 

 

 

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