ये था एक ऐसा डॉन जिसने दाऊद को घसीट-घसीटकर पीटा था थर थर काँपती थी D कम्पनी !

0
790

लेकिन हमारे देश में एक ऐसा भी डॉन था जिससे खुद दाउद भी थर-थर कांपता था. इस डॉन ने दाऊद को घसीट-घसीटकर पीटा था. इस डॉन को मुंबई अंडरवर्ल्ड का पहला माफिया डॉन के नाम से जाना जाता था. इस माफिया डॉन के आगे हाजी मस्तान मिर्जा भी सिर झुकाता था.इसका असली नाम अब्दुल करीम शेर खान जिसे ज्यादातर लोग करीम लाला कहकर बुलाया करते थे. ये वो व्यक्ति था जो गरीबो का मसीहा भी हुआ करता था. इसका जन्म अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में 1911 में हुआ था. इसका परिवार कारोबारी था. कामयाबी हासिल करने के चक्कर में वो हिंदुस्तान आया.

21 साल की उम्र में लाला पेशावर शहर के रास्ते से हिंदुस्तान के मुंबई पहुंचा. मुंबई पहुंचकर लाला ने दिखावे के लिए अपना कारोबार शुरू किया और साथ ही हीरे और जवाहरात की तस्करी भी. तस्करी के धंधे में वो इतना आगे बढ़ गया की उसे किंग के नाम से जाना जाने लगा. बस अब क्या था, अब पूरी मुंबई उसके कब्जे में थी.

जगह-जगह शराब के ठेके व जुएं के अड्डे खुलवा दिए. बोम्बे में उसी समय हाजी मस्तान और वरदाराजन मुदलियार भी सक्रिय थे. इन तीनों में से कोई भी कम नहीं था. धीरे-धीरे इन तीनों की तिगड़ी बन गयी और इन्होने अपने अपने इलाके बांट लिए. करीम लाला मायानगरी का लाला बन गया था.

उस समय तक मुंबई में कोई ओर गैंगस्टर नहीं था. लेकिन अचानक मुंबई पुलिस के हेड कांस्टेबल इब्राहिम कासकर के बेटे  दाऊद इब्राहिम कासकर और शब्बीर इब्राहिम कासकर इस धंधे में शामिल हो गये. अब पठान गैंग और दाऊद गैंग के बीच जबरदस्त टक्कर थी. दोनों गैंग एक दुसरें के कट्टर दुश्मन बन गये.जब तक दाउद नहीं आया था तब तक शहर में कोई खून खराबा नहीं हुआ था लेकिन दाउद के आते ही खून खराबा शुरू हो गया. सन 1981 में दाऊद इब्राहिम के भाई शब्बीर की पठान गैंग ने दिन दहाड़े हत्या कर दी. इस कत्ल से दाऊद इब्राहिम अपने आपे से बाहर हो गया.

SHARE

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here