रयान स्कूल केस : हरपाल ने पुलिस के दावों की निकाली हवा,पुलिस पर लगे संगीन आरोप,असली कातिल को बचाया जा रहा है ?

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एक बार फिर पुलिस के ऊपर सवाल खड़े हो गये हैं जो जाँच पुलिस कर रही है उस पर पहले भी बच्चे के माँ-बाप ने भरोसा नहीं जताया था.अब जो खुलासे पुलिस की जाँच को लेकर हो रहे हैं उससे पुलिस कटघरे में खड़ी हुई नजर आ रही है.क्या अब सीबीआई ही असली कातिल को पकड सकती है ? यही सबसे बड़ा सवाल अब सबके जहन में आ रहा है !

माली ने पूछताछ में पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाया.माली हरपाल ने साफ कहा कि जब उसने पहली बार देखा तो प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या का मुख्य आरोपी अशोक कुमार की शर्ट पर खून के धब्बे नहीं थे.जबकि पुलिस बोल रही थी की खून के धब्बे थे.तो क्या स्कूल वालों ने खून उसके कपड़ों पर लगवाया ?

माली ने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान उसे थप्पड़ मारे गए, पीटा गया और पानी में उसके सिर को डुबोया गया. बता दें कि एक ही सप्ताह में पुलिस द्वारा पूछताछ में कथित तौर पर मारपीट का ये दूसरा आरोप लगा है.बस ड्राइवर सौरभ राघव ने भी पुलिस पर मानसिक दबाव का आरोप लगाया था.पुलिस क्या अब असली कातिल को बचाने का प्रयास कर रही है ?

pradhyumn thakur murder: ryan international school gardener's claim adds new twist to ryan case

आपको हम नवभारत टाइम्स और जी न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट दिखा रहे हैं जिसे देख आप भी हैरान रह जाओगे.


बता दें कि हरपाल कक्षा दो में पढ़ने वाले प्रद्युम्न हत्या केस में अहम गवाह है. गुरुवार को पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया था. टाइम्स ऑफ इंडिया ने पुलिस पूछताछ के बाद उससे बात की। हरपाल ने कहा, ‘मेरी ड्यूटी सुबह 7 बजे शुरू होती है. पिछले शुक्रवार स्कूल पहुंचने के बाद मैंने करीब आधा घंटा काम किया। स्कूल में दो और माली हैं। जब मैं पानी पीने आया तो दो अन्य माली काम कर रहे थे। ग्राउंड फ्लोर के वाशरूम के बाहर वाटर कूलर लगा था। मैंने पानी पिया और फिर जाने लगा। जब मैं कुछ दूर पहुंचा तभी मैंने चीखने की आवाज सुनी। दो-तीन बच्चे वहां थे। उन्होंने फर्श पर पड़े प्रद्युम्न की तरफ इशारा करते हुए कहा कि अंकल जी इस बच्चे को क्या हो गया। मैं भी थोड़ा नर्वस हो गया। तभी बच्चों ने मुझे कहा कि मैं अंजू मैडम (जूनियर स्कूल सेक्शन इंचार्ज अंजू डूडेजा) को बुला लाऊं। जब मैं टीचर के साथ वापस लौटा तो मैंने देखा कि अशोक भी वहीं था और उसकी शर्ट पर खून का कोई निशान नहीं था। अंजू मैडम ने कहा कि बाहर जाने में मदद को कहा। अशोक उस बच्चे को हाथ में लेकर मैडम के साथ बाहर गया।’

गौरतलब है कि स्कूल के माली हरपाल ने ही टॉइलट में सबसे पहले छात्र को खून से लथपथ देखा था। बुधवार को भी माली से दो घंटे तक पूछताछ की गई थी। एसआईटी हेड एसीपी तान्या सिंह ने बताया कि इस मामले में स्कूल के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ से पूछताछ की जा रही है। गुरुवार को स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर से इस केस के गवाह तीन स्टूडेंट्स के बारे में जानकारी ली गई।

पुलिस ने चार्जशीट में इस वारदात के दस मिनट में होने की बात कही है। पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार ने बताया कि इस केस में पुलिस के पास न केवल साइंटिफिक बल्कि तकनीकी रूप से इतने मजबूत सबूत हैं, जो आरोपी को दोषी साबित करने में सहायक होंगे। चार्जशीट में टीचर अंजू डूडेजा के अलावा तीन स्टूडेंट्स व अन्य लोगों की स्टेटमेंट, सीसीटीवी की फुटेज, भोंडसी थाने में दर्ज केस की जानकारी दी गई है। पुलिस जांच में कहा गया है कि घटना के तीन मिनट के भीतर ही बच्चे की मौत हो गई थी।

पुलिस की थिअरी पर कई सवाल 
पुलिस ने चाहे आरोपी कंडक्टर को रिमांड खत्म होने के बाद जेल भेज दिया हो, लेकिन पुलिस की थिअरी पर अब भी कई सवाल उठ रहे हैं। कंडक्टर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा था कि आरोपी ने मर्डर के बाद यूनिफॉर्म बदलने की बात कबूली है। इस पर कंडक्टर की पत्नी ममता का कहना है कि उसके पति के पास स्कूल की दी हुई एक ही यूनिफॉर्म थी। वारदात के बाद उसने दूसरी यूनिफॉर्म कैसे पहनी/ चाकू पर खून के निशान न होने व चाकू नया होने की बात पहले ही सामने आ चुकी है।

स्कूल में छात्र की हत्या के मामले में लगातार सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। माना जा रहा है कि पुलिस के सामने कंडक्टर ने दबाव में गुनाह कबूला। जेल जाने के बाद उसने कहा कि उसे फंसाया गया है। इसके अलावा यह भी सवाल है कि पुलिस ने एक ही दिन में अरेस्ट कर उसी दिन गिरफ्तारी करने में जल्दी क्यों दिखाई। कहीं पुलिस पर केस का जल्दी खुलासा करने का दबाव तो नहीं था। यह भी बड़ा सवाल है कि वारदात के बाद कंडक्टर फरार क्यों नहीं हुआ?

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में विरोधाभास
पुलिस के मुताबिक प्रद्युम्न की ड्रेस पर सीमेन के अंश मिले थे जबकि पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर दीपक माथुर ने इससे इनकार किया है। पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में विरोधाभास है। बस का ड्राइवर टूल बॉक्स में चाकू होने की बात पहले ही इनकार कर चुका है। माली ने बयान दिया है कि कंडक्टर बाथरूम के अंदर नहीं था। प्रदेश के एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर भी इस बात की संभावना जता चुके हैं कि केस में बाहर का कोई व्यक्ति हो सकता है।

8 सितंबर की सुबह रायन इंटरनैशनल स्कूल में स्टूडेंट के मर्डर केस में आए दिन नए बयान सामने आ रहे हैं। पुलिस ने मीडिया को कुछ बताया जबकि कंडक्टर, माली, ड्राइवर सहित अन्य स्टाफ के बयान कुछ और ही थे। इससे हत्या की गुत्थी उलझती चली गई। छात्र के पैरंट्स पुलिस की थिअरी को दरकिनार कर सीबीआई केस की मांग कर चुके हैं।

न्यूज़ सोर्स नवभारत टाइम्स

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