धर्म जाने बिल्व पत्र की 13 हैरान कर देने वाली महिमा, इस महाशिवरात्रि ऐसे बिल्व पत्र जरूर चढ़ाएं, मिलेगा कई गुणा ज्यादा फल!

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जानिए शिव जी को बिल्वपत्र चढ़ाने से मिलते हैं कौन से शुभ फल !

 हम सब जानते हैं कि महाशिवरात्रि का पर्व आने वाला है. ऐसे में हर कोई इस पर्व का बड़ी बेसब्री से इंतजार कर रहा है. वैसे ये तो सब को मालूम है कि शिव जी को बिल्व पत्र कितने पसंद है. इसलिए आज हम आपको बिल्व पत्र से जुडी कुछ बातों से रूबरू करवाना चाहते है.

ऋषियों का मानना है की भोलेनाथ को बिल्व पत्र चढ़ाना यानि एक करोड़ कन्याओ के कन्यादान के फल के समान होता है. ऐसे में शिव जी की पूजा में बिल्व पत्र बेहद जरुरी माना जाता, इस वृक्ष के नीचे स्तोत्र पाठ या जप करने से न केवल आपको मिलने वाले फल में वृद्धि होती है, बल्कि इसके साथ ही जल्दी सिद्धि की प्राप्ति भी होती है.

इस वृक्ष के फल की समिधा से माँ लक्ष्मी का आगमन होता है. इसके इलावा बिल्व पत्र के सेवन से कर्ण सहित कई रोगो का नाश होता है, आप भगवान् सूर्यनारायण को भी पूरी डंडी तोड़ कर बिल्व पत्र अर्पित कर सकते है.आपकी जानकारी के लिए बता दे कि लिंगपुराण में बिल्व पत्र को तोड़ने के लिए चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या, संक्रांति काल और सोमवार का दिन निषिद्ध माना गया है.

हम आपको बता दे कि केबल वही बिल्व पत्र उपयोगी सिद्ध होते है, जिनमे तीन या उससे अधिक पत्र लगे हो. इससे कम संख्या वाले बिल्व पत्र पूजा करने के लायक नहीं समझे जाते, इसके साथ ही इसे चढ़ाने के लिए सीधे हाथ की अनामिका ऊँगली या अंगूठे का इस्तेमाल करना चाहिए.

 

तीन जन्मो के पापो का नाश करने के लिए त्रिनेत्रीरूपी भगवान् शिव को तीन पत्तियों वाला बिल्व पत्र, जो सत्व रज तम का प्रतीक है, उसे इस मंत्र को बोल कर अर्पित करना चाहिए.

त्रिदलं त्रिगुणकरं त्रिनेत्र व त्रिधामुतम.

त्रिजन्म पाप संहार बिल्व पत्र शिवप्रणम्य..

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