कश्मीर में 16000 कमांडो तैयार करेंगे मोदी, सरकार ने कहा- गद्दारों को घर से निकालकर मारेंगे !

0
98

कश्मीर में पिछले तीन दशक से जारी विवाद के बीच गृह मंत्रालय भारतीय सेना में वहां के लोकल लोगों के लिए बंपर भर्तियां निकालने जा रहा है. जानकारी के अनुसार, मंत्रालय भारत के सशस्त्र बलों के विभिन्न विभागों में 16,460 पोस्ट पर वेकैंसी निकालने जा रही है, जिसमें सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लोकल ही शामिल होंगे.

सूत्रों के अनुसार, 1000 स्थानीय लोगों को सीआरपीएफ अपनी बटालियन में शामिल करेगा. इनमें से दो बस्तरिया बटालियन की तर्ज पर लाए जाएंगे, जिसमें स्थानीय आदिवासियों को शामिल किया जाएगा. इनका इस्तेमाल सीआरपीएफ बस्तर में नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में करेगी.

क्या वे कश्मीर में अलगाववादी समूहों से बात करने में रुचि रखते हैं? गृह मंत्रालय के मंत्री हंसराज अहिर ने कहा, सरकार हर उस शख्स से बात करने और उसके साथ काम करने की इच्छुक है, जो हिंसा के रास्ते पर नहीं जाना चाहता और भारतीय संविधान के अनुरुप चलना चाहता हो.

बता दें कि कश्मीर घाटी में सामान्य स्थिति बनाने के लिए 10000 स्पेशल पुलिस अफसर (एसपीओ), 5 नए भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) में 5381, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में 1079 जवानों की भर्तियों पर गृह मंत्रालय ने मुहर लगा दी है.

गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों और सूत्रों ने ताया कि असम राइफल्स में नियुक्त किए गए जवानों की छोटी संख्या के अलावा 1079 जवानों की आखिरी कैटेगरी का प्रयोग सीआरपीएफ की दो बटालियन को बनाने के लिए किया जाएगा.

सीआरपीएफ के सीनियर अधिकारी ने कहा, हां! हम कश्मीर में दो बटालियन बनाने की प्रक्रिया में आ गए हैं. इसके लिए पिछले साल परामर्श लिए गए थे और हमारे सुझावों पर गृह मंत्रालय ने फैसला लिया. एक बटालियन 1100 जवानों से है, लेकिन इसमें सिर्फ लोकल ही नहीं होते हैं. राज्य के लोकल इसमें मेजोरिटी में होते हैं, लेकिन इसमें देश के दूसरे हिस्से के लोग भी इसमें शामिल होते हैं. हम तकरीबन 600 कश्मीर के लोगों को लेंगे और बाकी देश के दूसरे हिस्से से आए लोगों को.

बता दें कि छत्तीसगढ़ के बस्तर में बस्तरिया बटालियन को बढ़ाने का सीआरपीएफ का फैसले को मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने ठीक नहीं ठहराते हुए इसकी आलोचना की थी.. इसमें आरोप लगाया गया था कि एक दूसरे से लड़ने के लिए राज्य के लोगों को हथियार बनाया जा रहा है. सीआरपीएफ में शामिल करने के अलावा क्षेत्रीय लोगों को आईआरबीएस में भी शामिल किया जाएगा. 5 आईआरबीएस में एक में विशेष रूप से महिलाएं भी शामिल होंगी.

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अहिर ने बताया, सेना में लोकल लोगों की नियुक्तियों की कल्पना मेनस्ट्रीम में आने के लिए युवाओं का उत्साहवर्धन करने के लिए किया गया है. इससे उन्हें नौकरी मिलेगी और वे आतंकवाद से दूर होंगे.

दोस्तों आपको किस तरह की खबरे अच्छी लगती है कृपया Comment Box में बताएं, ताकि हम आपके लिए वैसी खबरे लेकर आते रहे !

SHARE

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here