जिगोलो मार्किट, जहाँ औरतें लगाती हैं मर्दों की बोली, आप भी हो जायेंगे हैरान !!

0
121

राजधानी दिल्ली के कई प्रमुख इलाकों जैसे सरोजनी

नगर, लाजपत नगर, पालिका मार्किट तथा कमला

नगर मार्किट जैसे कई क्षेत्रो में जैसे ही रात होती हैं,

पुरुषों का देह बाजार सजने लगता है.

आपने रेड लाइट एरिया और वेश्यावृति के बारे में तो सुना ही होगा जहां औरतों के जिस्म की बोलियां लगती हैं और खरीददार होते हैं पुरूष।..ओह्ह! सभ्य पुरूष। लेकिन आपको बता दें इस कालिख में सिर्फ़ पुरूषों के ही हाथ काले नहीं हैं बल्कि महिलाएं भी शामिल हैं। दरअसल भारत में भी मर्दों के जिस्म का कारोबार बड़ी तेज़ी से पनप रहा है। आलम यह है कि दिल्ली, मुम्बई और बेंगलुरू जैसे शहरों के कई प्रमुख वीवीआईपी इलाकों की मार्केट में मर्दों का बाज़ार सजता है। देह की इस मंडी को ‘जिगोलो मार्केट’ कहते हैं। इन शहरों के पॉश इलाकों में रात होते ही मर्दों की जिस्म-फ़रोशी के धंधे की मार्केट सज जाती है। सभ्य परिवार की महिलाएं आकर यहां मर्दों की बोली लगाती हैं।

यहां लड़कियां मनचाहे मर्द को एक रात पाने के लिए मनचाही रकम अदा करने को तैयार रहती हैं। अगर दिल्ली की बात करें तो दिल्ली के जिगोलो मार्केट में खुलेआम युवा अपने जिस्म का सौदा करते हैं। राजधानी की सड़कें जब सुनसान होती हैं तब यहां इनका बाजार सजता है। ख़ास बात ये है कि युवा जिस्म की खरीददार उन घरानों या इलाकों की महिलाएं होती हैं जिन्हें आम बोलचाल में इज्ज़तदार या सभ्य कहा जाता है

जिस्म का यह बाज़ार रात 10 बजे से सुबह 4 बजे के बीच सजता है। युवा पॉश इलाकों और प्रमुख बाज़ारों की मुख्य सड़कों पर खड़े हो जाते हैं। यहां गाड़ी रुकती है, जिगोलो बैठता है और सौदा तय होते ही गाड़ी चल देती है। रुमाल और गले के पट्टे पर होती है जिगोलो की डिमांड उसके गले में बंधे पट्टे पर निर्भर करती है।

आपको बता दें कि कई जाने-माने होटलों में भी यह धंधा जमकर फल-फूल रहा है। मगर यहां जिगोलो की पहचान गले में पहने पट्टे से नहीं बल्कि ड्रेस से होती है। दरअसल कई होटलों में जिगोलो के हाथ में लाल रुमाल और गले में पटटे की बजाय काली पैंट और सफ़ेद शर्ट पहचान होती है।

 

SHARE

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here