बड़ी खबर : भारत-चीन विवाद के बीच चीन को रूस का बड़ा झटका,रूस ने निभाई दोस्ती चीन की निकली हेकड़ी मोदी खुश !

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चीन को रूस ने वो झटका दिया है जिसकी कल्पना चीन ने नहीं की थी चीन को पूरी उम्मीद थी की भारत-चीन विवाद में रूस चीन का साथ देगा और इसकी वजह थी अमेरिका.जिस तरह अमेरिका और चीन के रिश्ते अच्छे नहीं हैं तो अमेरिका भारत का साथ दे रहा है उसी तरह रूस अमेरिका के रिश्ते अच्छे नहीं है और इस वजह से रूस चीन का साथ देगा,लेकिन चीन को उसकी औकात रूस ने दिखा दी है !

रूस की तरफ से चीन को झटका दे दिया गया है और चीन के नापाक मंसूबों पर पानी फेर दिया गया गया है.रूस ने साफ़-साफ़ संदेश देते हुए चीन को कहा है की भारत के साथ आपसी बातचीत से मामला हल करो.रूस का ये बयान इस वजह से मायने रखता है क्योंकि चीन को उपेक्षा थी कि रूस भारत के खिलाफ चीन के इस रुख का खुलकर समर्थन करेगा लेकिन अब ऐसा नहीं हुआ.

तीन सितम्बर को चीन में होने वाली ब्रिक्स शिखर बैठक के पहले रूस ने भरोसा जताया है कि भारत-चीन आपसी मसलों को बातचीत से सुलझा लेंगे. बिक्स शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भागीदारी की पुष्टि भारत द्वारा अब तक नहीं किए जाने के मद्देनजर ब्रिक्स के सदस्य देशों में चिंता है कि भारत-चीन का विवाद भडक़ा तो प्रधानमंत्री मोदी ब्रिक्स का अपना कार्यक्रम रद्द कर सकते हैं.

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रूस शुरू से बोलता रहा है उसके लिए चीन भी मित्र देश है और भारत भी मित्र देश है.पर अब रूस ने चीन को बहुत बड़ा झटका देते हुए जो सैन्य अभ्यास का भी फैसला लिया है उससे चीन हैरान है.चीन की तरफ से पहले कहा जा रहा था की रूस ऐसा कोई फैसला नहीं लेगा जो भारत-चीन विवाद के बीच एक तरफा लगे लेकिन रूस ने फिर दुनिया को दिखा दिया की भारत ही उसका सबसे अच्छा दोस्त है.इससे पहले अमेरिका भी भारत के साथ सैन्य अभ्यास का दम भर चूका है.

सुरक्षा हालातों को लेकर अक्टूबर माह में भारत और रूस के तीनों सेना यानी थल सेना, वायुसेना और नौ सेना के बीच होने वाले इस सैन्य अभ्यास का चीन पर बड़ा असर पड़ना तय है.जानकारों की माने तो इस तरह विवाद के बीच रूस का भारत के नजदीक आना चीनी मंसूबों पर पानी फेर सकता है.

रक्षा और कूटनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो भारत और रूस के बीच युद्धाभ्यास ऐसे समय पर होने जा रहा है जब चीन सीमा विवाद पर भारत को आंखे दिखा रहा है और चीन भारत पर दबाव बनाने का कोई अवसर चूकना नहीं चाहता है.अब चूंकि रूस काफी समय से भारत का रक्षा क्षेत्र में सहयोगी रहा है. ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ती नजदीकियां चीन के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती हैं.

जानकारों का मानना है कि इससे पूर्व भारतीय मालाबार में अमरीका, जापान और भारत के बीच चले बड़े स्तर के सन्य अभ्यास से भी चीनी नीति नियंताओं को बड़ा झटका लगा था.

आपकी जानकारी के लिए हम बता दें की हाल ही में रूस की तरफ से किए एक और ऐलान से एक बात फिर से साबित हो गयी है और वो यह कि रूस भारत के अच्छे दोस्तों में पहले भी था और आज भी है.चीन के साथ रूस के अच्छे रिश्ते है पाकिस्तान रूस के साथ अच्छे रिश्ते बनाना चाहता है लेकिन भारत की वजह से रूस उसे घास नहीं डालता.दूसरी तरफ रूस के इस ऐलान ने चीन की भी उसकी औकात दिखा दी है.

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