विडियो : धनतेरस के दिन इन 12 चीजो को खरीदने से भाग्य 15 हजार गुना प्रबल होगा !

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कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन भगवान धन्वन्तरि का जन्म हुआ था इसलिए इस तिथि को धनतेरस या धनत्रयोदशी के नाम से जाना जाता है। भारत सरकार ने धनतेरस को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।

धन्वन्तरी जब प्रकट हुए थे तो उनके हाथो में अमृत से भरा कलश था.भगवान धन्वन्तरि चूंकि कलश लेकर प्रकट हुए थे इसलिए ही इस अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है.कहीं कहीं लोकमान्यता के अनुसार यह भी कहा जाता है कि इस दिन धन (वस्तु) खरीदने से उसमें तेअरह गुणा वृद्धि होती है.इस अवसर पर लोग धनिया के बीज खरीद कर भी घर में रखते हैं। दीपावली के बाद इन बीजों को लोग अपने बाग-बगीचों में या खेतों में बोते हैं.

  • धनतेरस और दिवाली पर कम से कम 11 जगहों पर दीपक जलने चाहिए|
  • दिवाली पर अपनी कुंडली के अनुसार लक्ष्मी पूजन करे| कुंडली के ही अनुसार पूजन में शुभ रंग के वस्त्र पहने|
  • दिवाली पर एक दीपक श्रीराम के नाम का अवश्य जलाये या फिर राम मंदिर में जाकर दीपक जलाये|
  • दिवाली पर 5 साल से छोटी कन्या को एक जोड़ी लाल वस्त्र दान करे|
  • लक्ष्मी जी की पूजा करते समय गणेशजी के सामने हल्दी की गाठ रखे|
  • पूजा करते समय महालक्ष्मी के सामने कमल का फूल चढायें|
  • दिवाली पर खाना बनाने के बाद सबसे पहले पितरों के नाम की एक थाली निकले और ब्राह्मण को दे दे |
  • कुंडली में राहू पीड़ित हो तो भैरव महाराज के मंदिर में दीपदान करे| दिवाली पर लक्ष्मी गणेश की पूजा करे| 21 बार श्रीसूक्त का पाठ करे|
  • दिवाली पर किसी भी मंदिर में केले का पौधा या तो दान करे या खुद ही केले का पौधा लगाये|
  • बुध ग्रेह के दोष दूर करने के लिए दिवाली पर नीम का पौधा लगाये|
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