विष्णुपुराण के अनुसार घर आए मेहमान से भूल कर भी नहीं पूछनी चाहिए ये 3 बातें..!

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भारत में प्राचीनकाल से ही परम्पराओं का पालन किया जा रहा है। यहाँ कई ऐसी परम्पराओं का भी पालन किया जा रहा है जो सदियों से चली आ रही है। इन्ही परम्पराओं और संस्कृतियों की वजह से आज भी भारत की पुरे विश्व में एक अलग पहचान बनी हुई है। भारत की परम्पराएँ यहाँ के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। यही वजह है कि यहाँ रहने वाला व्यक्ति भले ही कुछ भूल जाये लेकिन अपनी परम्पराओं का पालन करना नहीं भूलता है। हालाँकि आजकल कुछ लोग इन पुरानी परम्पराओं में यकीन नहीं रखते हैं। घर आये मेहमान :

अतिथि होते हैं भगवान का रूप:

भारत में सदियों से अतिथि देवो भवः की परम्परा चल रही है। यानी अतिथियों को भगवान का दर्जा दिया गया है। घर आने वाले अतिथि के बारे में कहा जाता है कि वह भगवान का दूसरा रूप होते हैं, इसलिए उनका स्वागत-सत्कार करना हर व्यक्ति का धर्म होता है। जो लोग अपने अतिथियों का स्वागत अच्छे से नहीं करते हैं, उनके ऊपर ईश्वर की कृपा नहीं होती है। लेकिन आज के आधुनिक समय में लोग अतिथियों को बोझ समझने लगे हैं।

घर आये मेहमान तो ध्यान में रखें कुछ बातें:

अथिति का आदर-सत्कार करना ना केवल शिष्टाचार माना गया गई बल्कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार यह एक अत्यंत ही पुण्य वाला काम भी माना गया है। मेहमान हर व्यक्ति के घर आते हैं। कुछ लोग अपने अतिथियों का अच्छे से स्वागत करते हैं, जबकि कुछ बेमन से दिखावा करते हैं। जब भी आपके घर कोई मेहमान आये तो कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत ही जरुरी होता है। हिन्दू में बहुत धार्मिक ग्रन्थ और पुराण हैं। विष्णु पुराण उन्ही 18 पुराणों में से एक है। इस पुराण में भगवान् विष्णु की महिमा का गुणगान किया गया है।

इसके साथ ही विष्णु पुराण में सुखी जीवन के लिए भी कई सूत्र दिए गए हैं। अगर कोई व्यक्ति इन सूत्रों का पालन अपने जीवन में करता है, तो उसे जीवन की सभी परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि विष्णुपुराण के अनुसार घर आये मेहमान के किस तरह से पेश आना चाहिए और उनसे कौन-कौन सी बातें नहीं पूछनी चाहिए।

अधिक जानकारी के लिए नीचे दी गई विडियो देखें…..

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